सोचा नहीं था तकदीर यहाँ लाएगी (डॉ.अर्पण जैन )

सोचा नहीं था तकदीर यहाँ लाएगी (डॉ.अर्पण जैन )
(पब्लिक वार्ता)
इंदौर ।10वें वर्ष में प्रवेश करते हुए हर्षित भी है और गर्वित भी। एक कमरे की कम्पनी से एक समूह तक की 9 वर्ष की यात्रा में आप सब का सहयोग, प्यार, स्नेह और समर्पण बना रहा। मुझे गर्व है कि आज तरक्की के कई रास्ते हमने साथ तय किए। मैं अभिनंदन करता हूँ आप सभी का। आगे भी ऐसा ही प्यार सेंस को दीजिए।
आज से 10 वर्ष पहले 11 जनवरी 2010 को सेंस का जन्म हुआ। ग्राहकों का विश्वास और प्रेम ही सबलता है, हम निरंतर बेहतर सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध है। जुड़े रहें, मिलकर कीर्तीमान रचेंगे। सेन्स दिवस की हार्दिक शुभेच्छाओं के साथ.
डॉ.अर्पण जैन 'अविचल' www.sansindia.com

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